Thursday, 20 December 2012

मैने वक़्त को बदलते देखा है


        मैने वक़्त को बदलते देखा है
      मैने वक़्त को बदलते देखा है
      जो थे कभी अपने,उन्हें आज गैरों में बदलते देखा है
      सोने की चिड़िया कहलाये जाने वाले अपने देश के हालातो को
      मैने बद से बदत्तर होते देखा है,
       मैने वक़्त को बदलते देखा है
   
                मुझे जीना है माँ,
                मुझे भी इस दुनिया में अपनी आंखे खोलनी है,
        ना जाने ऐसी कितनी आवाज़ो को
                मैने कोक में उजड़ते देखा है
        मैने वक़्त को बदलते देखा है

     जिस बिटिया के सपनो को पूरा करने में,
     माँ-बाबा ने अपने सपनो को अनदेखा कर दिया
     उस बिटिया को मैने दहेज़ की आग में जलते देखा है
     मैने वक़्त को बदलते देखा है

       जिन औरतो की ज़िन्दगी
       कभी बंदिशों के पिंजरे में खत्म हो जाती थी
       मैने आज उन्हें आजाद पंछी की तरह उड़ते देखा है
       मैने वक़्त को बदलते देखा है

     जो हाथ कभी बहनों की रक्षा क लिए उठते थे
     उन्ही हाथो से मैंने
     बहनों के गले कटते देखा है
     मैने वक़्त को बदलते देखा है

       मज़हब और जात-पात के नाम पर
       जो लोग प्यार का कत्ल करते है
       उन्हें कौन बताये की मैने
       ख़ुदा को भी मोहब्बत करते देखा है
       मैने वक़्त को बदलते देखा है 

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